नई दिल्ली। प्याज और टमाटर को खरीदने में भले ही लोगों के आंसू निकल रहे हों, लेकिन कृषि सचिव आशीष बहुगुणा को कीमतों में यह बढ़ोतरी बनावटी नजर आ रही है। बहुगुणा ने गुरुवार को कहा कि सब्जियों के उत्पादन में कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद कीमतें बढ़ रही हैं। इसका कोई कारण समझ नहीं आ रहा। उन्होंने राजधानी दिल्ली में आसमान छूते दामों पर कहा कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है।
प्याज के दाम पिछले महीने 100 रुपये प्रति किलो को छू चुके हैं। अभी भी यह 60 से 75 रुपये के बीच चल रहे हैं। वहीं, टमाटर की कीमत 80 रुपये प्रति किलो पर पहुंचकर उपभोक्ताओं के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। इस पर बहुगुणा परेशान दिखे।
उन्होंने कहा कि देश के दूसरे हिस्सों से अलग दिल्ली में सब्जियों की कीमतें अजीबो-गरीब तरीके से चढ़ रही हैं। उत्पादन अच्छा है फिर ऐसा होने की कोई वजह समझ नहीं आती। मुझे लगता है कि यहां लोग ही दाम बढ़ा रहे हैं।
बहुगुणा ने कहा कि यदि दिल्ली सरकार कृषि उत्पाद विपणन समिति कानून (एपीएमसी) में संशोधन कर देती तो मंडियों में ज्यादा खिलाड़ी होते। इससे कीमत नियंत्रण करने में दिल्ली सरकार को मदद मिलती। मेरठ में टमाटर 20 रुपये किलो है। यदि संशोधन किया गया होता तो वहां के कारोबारी यहां आकर ज्यादा से ज्यादा 40 रुपये प्रति किलो में टमाटर बेच देते।
उन्होंने कहा कि 10 दिनों के अंदर प्याज के दाम धड़ाम हो जाएंगे। महाराष्ट्र समेत विभिन्न राच्यों से बंपर फसल बाजार में आने वाली है। बहुगुणा ने उम्मीद जताई कि इस साल गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन रहने की उम्मीद है। अच्छे मौसम की वजह से 9.48 करोड़ टन उत्पादन रहने की उम्मीद है। पिछले वर्ष खराब मौसम के कारण 9.24 करोड़ टन उत्पादन रहा था।
स्थिर हो रही है खाद्य कीमतें : संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने कहा है कि दुनियाभर में खाद्य कीमतें तेजी से बढ़ने के बाद अब स्थिरता आ रही है। आपूर्ति बढ़ने के कारण दुनियाभर में तेजी से खाद्य कीमतें घटेंगी।
Source- News in Hindi
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