रायपुर, नई दुनिया ब्यूरो। बूटों की धमक और संगीनों के साये के बीच छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण का मतदान सोमवार से प्रारंभ हो गया। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग व राजनांदगांव जिले की 18 सीटों पर 143 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें राजनांदगांव से मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित राज्य सरकार के तीन मंत्री भी शामिल हैं। लगभग 56 हजार हथियारबंद जवान लोकतंत्र के उत्सव को संपन्न कराने के लिए लाल आतंक से जूझ रहे बस्तर के बीहड़ों में उतर चुके हैं। सभी विधानसभा क्षेत्रों में पोलिंग पार्टियां सकुशल पहुंच चुकी हैं। इन सब तैयारियों के बीच मतदान वाले इलाकों में लगभग एक हजार की संख्या में माओवादियों के भी डेरा डाले जाने की खबर है।
राजधानी रायपुर से लेकर अबुझमाड के दुर्गम इलाकों तक हाई टेक्नोलाजी से युक्त इंटेलिजेंस नेटवर्क ने अपना काम शुरू कर दिया है। बस्तर और राजनांदगांव से सटी मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमाएं सील कर दी गई हैं। तैयारियों का आलम यह है कि सीमाओं से सटे पड़ोसी राज्यों के गांवों में भी हथियारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआइएसएफ, आइटीबीपी और 10 राज्यों की आर्म्ड फोर्सेज के आला अधिकारियों का एक ज्वाइंट ऑपरेशन गु्रप बनाया गया है, जो हर दो घंटे पर पूरे माहौल की समीक्षा कर रहा है। चुनाव ड्यूटी में लगाई गई 564 कंपनियों को जीपीएस से लैस कर दिया गया है, जिससे उन्हें जंगलों में किसी भी किस्म की परेशानी न हो। डीजीपी रामनिवास ने बताया कि सुरक्षा बलों ने 25 अक्टूबर के बाद से अब तक राज्य में 90 ऑपरेशन किए हैं। इसमें लगभग 260 किलो विस्फोटक बरामद किए गए और 46 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया।
नक्सली धमाके में दो जवान घायल
राजनांदगांव। चुनाव की पूर्व संध्या पर जिले में दो आइईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) धमाके हो गए। चुनाव में बाधा पहुंचाने के लिए रविवार को माओवादियों ने बूथ जा रहे एक मतदान दल पर हमला कर दिया। बाघडोंगरी गांव में बनाए गए बूथ से थोड़ी दूर पहले कम तीव्रता का विस्फोट करने के बाद माओवादी भाग खड़े हुए। घटना में इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आइटीबीपी) के दो जवान घायल हो गए। दल के सभी सदस्यों के अलावा उनके साथ चल रही पूरी आइटीबीपी फोर्स सुरक्षित है।
Source- News in Hindi
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